अपनों से मिलने फिजी से 11 हजार KM दूर गोंडा आईं सरिता

अकबर अली बभनजोत, गोंडा। फिजी से पैतृक गांव आईं सरिता आनंद का शुक्रवार को परिवार समेत गांव के लोगों ने जोरदार स्वागत किया। सरिता ने बताया कि हमारे पूर्वज 1879 में ग्राम नरहरपुर से गिरमिटिया मजदूर के तौर पर फिजी गए थे। फिर वहीं बस गए थे। वह अपने पूर्वजों के घर देखने व परिवार के लोगों से मिलने आई हैं।सरिता आनंद स्थानीय पुलिस को सूचना देते हुए शुक्रवार को नरहरपुर गांव पहुंचीं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि लक्की यादव, प्रधान चंद्रप्रकाश वर्मा, प्रधान सुनील जायसवाल के साथ अन्य लोगों ने उनका स्वागत किया। सरिता वर्तमान समय में आस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। परिवार के लोग फिजी में रहते हैं। फिजी से भारत की दूरी 11 हजार किलोमीटर से

            गांव में परिवार के लोगों से मिलकर हुई खुश

अधिक है। सरिता ने बताया कि उनके मित्र मिलिंद करामटे मुंबई में रहते हैं। आस्ट्रेलिया से मुंबई आकर दोस्त के साथ प्रयागराज जाकर संगम में स्नान व पूजन किया। सरिता ने बताया कि उनकी दादी 1970 के दशक में पूर्वजों के बारे में बताती थीं, खानदानी सिजरा देखकर पूर्वजों के गांव बभनजोत ब्लॉक के नरहरपुर पहुंचीं। अपने वंशज नंदलाल, विजय कुमार, दयाराम, किरण, राधा से मिलकर बहुत ही प्रसन्न हुईं।

पूर्वज कुम्हार जाति के हैं। सरिता ने पूर्वजों की पत्थर की चाक, मिट्टी के बर्तन, खपरैल के पुराने घर, चरनी देखी और उसे कैमरे में कैद किया। थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक त्रियुगी शर्मा ने अंग्रेजी में सरिता आनंद को स्थानीय लोगों की बातों से अवगत कराया।

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