बभनजोत। गेहूं क्रय केंद्र पर पसरा सन्नाटा, किसानों ने आढ़तियों की ओर किया रूख

अकबर अली बभनजोत।

बभनजोत गोंडा :गेहूं खरीद के लिए बनाए गए सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने में किसान नहीं ले रहे हैं रूचि विकासखंड बभनजोत के क्रय केंद्र पर तौल शुरू है। इस बार सरकारी मूल्य से गेहूं की अधिक दाम आढ़तियों से मिल रहा है। इसके चलते किसान आढ़तियों को गेहूं बेच रहे हैं।यहां भुगतान भी नगद मिल रहा है स्थिति यही रही तो सरकारी खरीद का लक्ष्य पूरा करना अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती रहेगा।

बता दें कि गेहूं क्रय केंद्र बभनजोत में तौल का एक अप्रैल से संचालन शुरू कर दिया गया था लेकिन अभी क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा है जबकि क्रय केंद्रों की बराबर में आढ़तियों के पास गेहूं बेचने वाले किसानों की भीड़ लगी रहती है। दरअसल इस बार सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2015 प्रति कुंतल तय किया। भुगतान किसान के खाते में किया जाता है। इसमें भी दो से चार दिन का समय लगता है। वही आढ़तियों द्वारा गेहूं 1950 रुपए से ₹2000 प्रति कुंतल तक के दाम पर नगद खरीदा जा रहा है। खास बात यह है कि गांवों में घूम रहे गेहूं व्यापारी और महंगी दर गेहूं खरीद कर रहे हैं। इसके चलते किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

बुधवार को विकासखंड बभनजोत के गेहूं क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा दिखा जबकि आढ़तियों के यहां किसान गेहूं बेचते दिखे। क्रय केंद्र प्रभारी बलराम ने बताया कि अभी तक बभनजोत क्रय केंद्र पर एक भी किसान गेहूं बेचने नहीं आए हैं गेहूं खरीदारी करने के लिए सुबह से शाम तक क्रय केंद्र खुला रहता है और उन्होंने कहा कि हम किसानों के बीच जाकर गेहूं क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।

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